अभिषेक शर्मा ने तूफानी शतक के बाद रखी दिलचस्प मांग

नाबाद 135 रन की पारी से हैदराबाद को मिली बड़ी जीत

सनराइजर्स हैदराबाद के बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ ऐसी पारी खेली, जिसने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने ओपनिंग करते हुए पूरे 20 ओवर बल्लेबाजी की और 135 रन बनाकर नाबाद लौटे।

उनकी इस शानदार पारी की बदौलत हैदराबाद ने 20 ओवर में 2 विकेट पर 242 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। जवाब में दिल्ली की टीम 195 रन तक ही पहुंच सकी और हैदराबाद ने मुकाबला 47 रन से अपने नाम कर लिया। अभिषेक के साथ हेनरी क्लासेन और ट्रेविस हेड ने भी उपयोगी योगदान दिया।

धीमी शुरुआत के बाद अचानक बदला मैच का रंग

अभिषेक और ट्रेविस हेड ने पारी की शुरुआत संभलकर की। शुरुआती ओवरों में दोनों ने बहुत ज्यादा जोखिम नहीं लिया, लेकिन कुछ ही देर बाद अभिषेक ने तेजी से रन बनाना शुरू कर दिया।

सिर्फ 68 गेंदों में 135 रन की उनकी पारी में 10 चौके और 10 छक्के शामिल रहे। उनका स्ट्राइक रेट लगभग 200 का रहा। इस दौरान दिल्ली के गेंदबाज उनके सामने बेअसर नजर आए। यह उनका टी20 करियर का नौवां शतक भी रहा, जिससे उन्होंने इस मामले में विराट कोहली की बराबरी कर ली।

पिता को लेकर मैच के बाद कही मजेदार बात

मैच खत्म होने के बाद अभिषेक ने अपने पिता को लेकर एक दिलचस्प और भावुक बात साझा की। उन्होंने बताया कि बचपन से ही उनके पिता मैच के दौरान स्क्रीन के पास बैठते हैं और उन्हें लगातार देखते रहते हैं।

अभिषेक ने कहा कि जब भी वह नॉन स्ट्राइकर एंड पर होते हैं, उनके पिता इशारों में उन्हें समझाने की कोशिश करते हैं कि कैसे खेलना है। इसी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने ब्रॉडकास्टर से हंसते हुए कहा कि अगली बार कैमरा उनके पिता की तरफ भी जाना चाहिए और उनके रिएक्शन भी दिखाने चाहिए।

जश्न के पीछे भी था खास संदेश

शतक पूरा करने के बाद अभिषेक ने एल आकार बनाकर जश्न मनाया, जिस पर भी काफी चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि यह अंदाज वह काफी समय से अपनाते आ रहे हैं और यह उनके प्रशंसकों तथा स्टेडियम के लिए प्यार जताने का तरीका है।

उनके मुताबिक, पूरे टूर्नामेंट में दर्शकों का समर्थन टीम के लिए बेहद अहम रहता है और वह उसी का जवाब अपने अंदाज में देना चाहते हैं।

रणनीति में बदलाव का भी किया खुलासा

अभिषेक ने यह भी बताया कि इस मैच में उनका लक्ष्य सिर्फ तेजी से रन बनाना नहीं था, बल्कि लंबे समय तक टिके रहना भी था। उन्होंने कहा कि टीम के कोचिंग स्टाफ ने उनसे साफ कहा था कि वह पूरे 20 ओवर खेलने की कोशिश करें।

उन्होंने माना कि शायद यह पहली बार था जब उन्होंने आईपीएल में पूरी पारी खेली। इससे साफ है कि उनकी बल्लेबाजी सिर्फ आक्रामक नहीं थी, बल्कि सोची समझी योजना का हिस्सा भी थी।

परिवार को समर्पित रहा यह खास दिन

अभिषेक ने इस पारी को अपने परिवार के नाम भी किया। खास तौर पर उन्होंने अपनी बहन का जिक्र किया, जो बीमारी की वजह से स्टेडियम नहीं आ सकीं। उन्होंने कहा कि यह पारी उनके लिए भी थी।

उनके पिता लंबे समय से उनके साथ रहे हैं, सिर्फ पिता के तौर पर नहीं बल्कि कोच और मार्गदर्शक के रूप में भी। बचपन से शुरू हुआ यह सफर अब बड़े मंच पर चमक रहा है और इस पारी ने उस कहानी को और खास बना दिया।

लेखक के बारे में
क्रिकेट विशेषज्ञ

1987 में कोलकाता में पैदा हुए रोहन शर्मा ने 2012 में पुणे विश्वविद्यालय से स्पोर्ट्स सांख्यिकी में मास्टर्स की डिग्री पूरी की। 2013 से 2020 तक, उन्होंने भारतीय क्रिकेट बोर्ड के साथ सहयोग किया, खिलाड़ियों के एनालिटिक्स और खेल रणनीति के अनुकूलन पर ध्यान केंद्रित किया। शर्मा ने 16 शैक्षिक पेपर लिखे हैं, मुख्य रूप से गेंदबाजी तकनीकों के विकास और फ़ील्ड प्लेसमेंट के परिवर्तन का समर्थन किया। 2021 में, उन्होंने पत्रकारिता में परिवर्तन किया। शर्मा वर्तमान में क्रिकेट पर विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं, मैच गतिकी और खिलाड़ी रणनीतियों पर दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं, नियमित रूप से विभिन्न खेल-केंद्रित प्लेटफ़ॉर्मों में योगदान करते हैं।

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