फॉलोऑन के बाद श्रीलंका ने भारत के खिलाफ पहली बार टेस्ट बचाया

कोलंबो का दूसरा टेस्ट ड्रॉ रहा। भारत ने दो मैच की सीरीज 1 से 0 से जीत ली। श्रीलंका को फॉलोऑन खेलना पड़ा। दूसरी पारी में टीम ने 9 विकेट पर 429 रन बनाए और मैच निकाल लिया। भारत के खिलाफ फॉलोऑन मिलने के बाद श्रीलंका पहली बार मुकाबला ड्रॉ तक ले गई।

सोनल दिनूषा ने सीरीज में तीन शतक ठोके। दो टेस्ट की सीरीज में सबसे ज्यादा शतक के मामले में उन्होंने कुमार संगकारा और साउथ अफ्रीका के जैक्स कैलिस के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।

पांचवें दिन जुड़ी बड़ी बातें

श्रीलंका ने टेस्ट में चौथी बार फॉलोऑन के बाद मैच बचाया। भारत के खिलाफ यह पहली बार हुआ।

दिनूषा स्पिनरों के खिलाफ स्वीप से एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। इस सीरीज में स्वीप से उनके 173 रन आए और उन्होंने जो रुट के 160 रन का रिकॉर्ड तोड़ दिया।

फॉलोऑन के बाद दूसरी पारी में श्रीलंका की बढ़त 216 रन रही। भारत के खिलाफ ऐसे फॉलोऑन के बाद यह तीसरी सबसे बड़ी बढ़त है।

दिनूषा भारत के खिलाफ दोनों पारियों में शतक लगाने वाले तीसरे श्रीलंकाई बने। उनसे पहले दलीप मेंडिस और अरविंदा डी सिल्वा यह कर चुके हैं।

करियर के पहले पांच टेस्ट में उनके 606 रन हो गए। 600 तक पहुंचने वाले वे श्रीलंका के दूसरे बल्लेबाज हैं। पहले स्थान पर कामिंदु मेंडिस हैं, उनके 631 रन हैं।

दो मैच की टेस्ट सीरीज में तीन शतक लगाने वाले क्लब में दिनूषा शामिल हो गए। उनसे पहले सात बल्लेबाज यह कर चुके हैं। अरविंदा डी सिल्वा ने यह मुकाम दो बार छुआ है, जो सबसे ज्यादा है।

सीरीज की चारों पारियों में 50 से ज्यादा रन बनाने वाले वे तीसरे श्रीलंकाई भी बन गए। भारत के खिलाफ हर पारी में उनका स्कोर 50 प्लस रहा।

मैदान पर वो पल जो याद रहे

104वें ओवर में रवींद्र जडेजा की गेंद केशरा नुवानथा के पैर के अंगूठे पर लगी। दूसरी गेंद ब्लॉकहोल में आई। बल्लेबाज बैट नीचे लाने में देर कर गए। इम्पैक्ट स्टंप से बाहर था इसलिए एलबीडब्ल्यू से बच गए। नुवानथा ने जूता उतारा और फिजियो को बुलाया। इलाज के बाद खेल फिर शुरू हुआ।

128वें ओवर में जडेजा तकलीफ में दिखे। तीसरी गेंद के बाद दाहिने पैर की एड़ी में दर्द साफ था। वे अंपायर से कैप लेकर बाहर चले गए। ओवर प्रसिद्ध कृष्णा ने पूरा किया।

टी ब्रेक के बाद 134वें ओवर की पहली गेंद पर दिनूषा ने सीरीज का तीसरा शतक पूरा किया। 98 पर खेल रहे थे। मोहम्मद सिराज की गेंद को मिड विकेट की ओर फ्लिक किया और दो रन लेकर शतक छू लिया। स्टैंड में बैठी मां और ड्रेसिंग रूम में खड़े साथियों ने तालियां बजाईं।

लेखक के बारे में
क्रिकेट विशेषज्ञ

1987 में कोलकाता में पैदा हुए रोहन शर्मा ने 2012 में पुणे विश्वविद्यालय से स्पोर्ट्स सांख्यिकी में मास्टर्स की डिग्री पूरी की। 2013 से 2020 तक, उन्होंने भारतीय क्रिकेट बोर्ड के साथ सहयोग किया, खिलाड़ियों के एनालिटिक्स और खेल रणनीति के अनुकूलन पर ध्यान केंद्रित किया। शर्मा ने 16 शैक्षिक पेपर लिखे हैं, मुख्य रूप से गेंदबाजी तकनीकों के विकास और फ़ील्ड प्लेसमेंट के परिवर्तन का समर्थन किया। 2021 में, उन्होंने पत्रकारिता में परिवर्तन किया। शर्मा वर्तमान में क्रिकेट पर विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं, मैच गतिकी और खिलाड़ी रणनीतियों पर दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं, नियमित रूप से विभिन्न खेल-केंद्रित प्लेटफ़ॉर्मों में योगदान करते हैं।

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