
गाले में भारतीय क्रिकेट टीम ने कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में श्रीलंका को 165 रन से हराकर दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 की अजेय बढ़त बना ली। श्रीलंकाई धरती पर यह भारत की लगातार छठी टेस्ट जीत भी रही।
भारत ने मेजबान टीम को जीत के लिए 372 रन का लक्ष्य दिया था, लेकिन श्रीलंका की दूसरी पारी 206 रन पर समाप्त हो गई। मुकाबले में 24 वर्षीय बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार भारत के सबसे प्रभावशाली गेंदबाज साबित हुए। उन्होंने दूसरी पारी में 55 रन देकर छह विकेट लिए और पूरे मैच में 131 रन खर्च करते हुए कुल 10 बल्लेबाजों को आउट किया।
76वें ओवर ने श्रीलंका की उम्मीदों पर लगाया ब्रेक
पांचवें दिन के दूसरे सत्र में श्रीलंका का स्कोर 175 रन पर छह विकेट था। पहली पारी में शतक लगाने वाले सोनल दिनुशा और केषरा नुवांता के बीच 43 रन की साझेदारी बन चुकी थी और दोनों भारतीय गेंदबाजों के सामने टिके हुए थे।
इसी समय कप्तान शुभमन गिल ने गेंद मानव सुथार को सौंपी। इसके बाद आया ओवर मुकाबले का निर्णायक मोड़ बन गया। सुथार ने इसी ओवर में तीन विकेट लेकर श्रीलंका के निचले क्रम को पूरी तरह दबाव में डाल दिया।
75.1 ओवर में सुथार ने सोनल दिनुशा को 84 रन के निजी स्कोर पर आउट किया। उन्होंने लगभग 87.2 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से लेग स्टंप की लाइन पर फ्लाइटेड गेंद फेंकी। दिनुशा ने फ्लिक करने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का अंदरूनी किनारा लेकर पैड से टकराई और लेग गली में खड़े ध्रुव जुरेल ने कैच पूरा कर लिया।
अगली ही गेंद पर प्रभात जयसूर्या बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। लगभग 92.7 किमी प्रति घंटे की गति से अंदर आती गेंद पिच पर पड़ने के बाद तेजी से घूमी और बल्ले को चकमा देते हुए ऑफ स्टंप से जा टकराई।
ओवर की अंतिम गेंद पर सुथार ने लाहिरू कुमारा को भी शून्य पर आउट कर दिया। कुमारा को स्पिन की उम्मीद थी और वह आगे बढ़कर गेंद को रोकने गए, लेकिन गेंद ज्यादा नहीं घूमी। बाहरी किनारा लगा और विकेटकीपर ऋषभ पंत ने कैच पकड़ लिया।
अगले ओवरों में पूरा हुआ सुथार का पहला 10 विकेट हॉल
इस शानदार ओवर के बाद श्रीलंका का स्कोर 199 रन पर नौ विकेट हो गया और भारत जीत से केवल एक विकेट दूर था।
इसके बाद रवींद्र जडेजा गेंदबाजी के लिए आए। अगले चरण में जब सुथार को फिर गेंद मिली तो उन्होंने केषरा नुवांता को बोल्ड कर श्रीलंका की दूसरी पारी 206 रन पर समाप्त कर दी।
इस विकेट के साथ सुथार ने अपने टेस्ट करियर का पहला 10 विकेट मैच हॉल पूरा किया। खास बात यह रही कि यह उपलब्धि उन्होंने अपने केवल दूसरे टेस्ट मुकाबले में हासिल की।
दूसरी पारी में उनके आंकड़े 55 रन पर छह विकेट रहे, जबकि पूरे मैच में उन्होंने 131 रन देकर 10 विकेट अपने नाम किए। उनकी गेंदबाजी ने भारत को गाले टेस्ट में 165 रन की बड़ी जीत दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई और श्रीलंका की वापसी की उम्मीदों को समाप्त कर दिया।