दो बीमर के बाद भी कार्तिक त्यागी को गेंदबाजी क्यों करने दी गई

लखनऊ और कोलकाता के रोमांचक मैच में उठा बड़ा सवाल

आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइटराइडर्स के बीच खेला गया मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। मैच सुपर ओवर तक गया, जहां कोलकाता ने जीत हासिल की।

हालांकि इस मुकाबले में एक और घटना काफी चर्चा में रही। कोलकाता के तेज गेंदबाज कार्तिक त्यागी ने लखनऊ की पारी के आखिरी ओवर में लगातार दो बीमर गेंदें फेंकीं। दोनों गेंदें बल्लेबाज की कमर से ऊपर थीं और अंपायर ने उन्हें नो बॉल करार दिया।

लगातार दो नो बॉल के बाद भी क्यों नहीं रोका गया

आखिरी ओवर में लखनऊ को जीत के लिए 17 रन चाहिए थे। ओवर की दूसरी गेंद पर हिम्मत सिंह स्ट्राइक पर थे। कार्तिक त्यागी ने हाई फुल टॉस डाली, जो कमर से ऊपर गई। अंपायर ने तुरंत नो बॉल दी और लखनऊ को फ्री हिट मिली।

इसके बाद अगली गेंद भी ऊंची फुल टॉस रही और उसे भी नो बॉल दिया गया। आमतौर पर ऐसी लगातार गेंदें बल्लेबाज की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करती हैं, इसलिए सवाल उठा कि त्यागी को गेंदबाजी से क्यों नहीं हटाया गया।

इसका कारण अंपायर का आकलन था। अंपायर को दूसरी गेंद इतनी खतरनाक नहीं लगी कि गेंदबाज को तुरंत आक्रमण से हटा दिया जाए। नियमों में अंतिम फैसला अंपायर के विवेक पर निर्भर करता है।

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आईपीएल नियम में क्या कहा गया है

नियम 41.7.1 के अनुसार, कोई भी गेंद जो बिना पिच हुए बल्लेबाज की कमर से ऊपर निकलती है, अनुचित मानी जाती है। ऐसी स्थिति में अंपायर को तुरंत नो बॉल देनी होती है, चाहे उससे चोट लगने की संभावना हो या नहीं।

नियम 41.7.2 के मुताबिक, ऐसी गेंद तभी खतरनाक मानी जाएगी जब अंपायर को लगे कि उससे बल्लेबाज को चोट लगने का जोखिम है। यह फैसला करते समय अंपायर गेंद की रफ्तार, ऊंचाई, दिशा, बल्लेबाज की स्थिति और ऐसी गेंदों की पुनरावृत्ति को ध्यान में रखता है।

अंपायर के फैसले पर निर्भर था मामला

कार्तिक त्यागी की दोनों गेंदें नो बॉल थीं, लेकिन उन्हें गेंदबाजी से हटाना अनिवार्य नहीं था। ऐसा तभी होता, जब अंपायर उन्हें खतरनाक मानते।

इसी वजह से लगातार दो बीमर के बावजूद त्यागी को ओवर पूरा करने दिया गया। यह फैसला नियमों के दायरे में था, भले ही घटना ने मैच के दौरान काफी चर्चा पैदा कर दी।

लेखक के बारे में
क्रिकेट विशेषज्ञ

1987 में कोलकाता में पैदा हुए रोहन शर्मा ने 2012 में पुणे विश्वविद्यालय से स्पोर्ट्स सांख्यिकी में मास्टर्स की डिग्री पूरी की। 2013 से 2020 तक, उन्होंने भारतीय क्रिकेट बोर्ड के साथ सहयोग किया, खिलाड़ियों के एनालिटिक्स और खेल रणनीति के अनुकूलन पर ध्यान केंद्रित किया। शर्मा ने 16 शैक्षिक पेपर लिखे हैं, मुख्य रूप से गेंदबाजी तकनीकों के विकास और फ़ील्ड प्लेसमेंट के परिवर्तन का समर्थन किया। 2021 में, उन्होंने पत्रकारिता में परिवर्तन किया। शर्मा वर्तमान में क्रिकेट पर विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं, मैच गतिकी और खिलाड़ी रणनीतियों पर दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं, नियमित रूप से विभिन्न खेल-केंद्रित प्लेटफ़ॉर्मों में योगदान करते हैं।

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