साईराज बहुतुले भारतीय टीम के स्पिन कोच बन सकते हैं

IPL 2026 के बाद जुड़ सकता है नया नाम

भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ में IPL 2026 के बाद नया चेहरा शामिल हो सकता है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पंजाब किंग्स के स्पिन कोच साईराज बहुतुले भारतीय टीम के स्पिन बॉलिंग कोच की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।

मुख्य कोच गौतम गंभीर सपोर्ट स्टाफ को हर विभाग में मजबूत करना चाहते हैं। टीम के पास सितांशु कोटक, मोर्ने मोर्केल और टी. दिलीप जैसे नाम हैं, लेकिन अलग स्पिन गेंदबाजी विशेषज्ञ की जरूरत महसूस की जा रही है।

गंभीर और बीसीसीआई से हुई चर्चा

बताया जा रहा है कि बहुतुले ने इस भूमिका को लेकर गौतम गंभीर और बीसीसीआई अधिकारियों से लंबी बातचीत की है।

गंभीर उनके अनुभव और तकनीकी समझ से प्रभावित हैं। वह चाहते हैं कि भारतीय स्पिनरों को मार्गदर्शन देने के लिए एक विशेषज्ञ कोच उपलब्ध रहे।

बहुतुले भारतीय ड्रेसिंग रूम से पहले भी जुड़े रहे हैं। वह नेशनल क्रिकेट एकेडमी में वीवीएस लक्ष्मण के साथ लंबे समय तक काम कर चुके हैं।

सिर्फ 10 इंटरनेशनल मैच, लेकिन घरेलू क्रिकेट में बड़ा रिकॉर्ड

बहुतुले ने भारत के लिए 2 टेस्ट और 8 वनडे खेले हैं।

हालांकि उनका फर्स्ट क्लास रिकॉर्ड काफी मजबूत है। उन्होंने 188 मैचों में 630 विकेट हासिल किए।

कोचिंग में भी उनका अनुभव बड़ा है। राहुल द्रविड़ ने 2023 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी और श्रीलंका दौरे के दौरान उन्हें सपोर्ट स्टाफ में शामिल करने की मांग की थी।

पंजाब किंग्स कॉन्ट्रैक्ट बन सकता है औपचारिक मुद्दा

बहुतुले इस समय IPL 2026 में रिकी पोंटिंग की पंजाब किंग्स के साथ स्पिन कोच के तौर पर काम कर रहे हैं।

भारतीय टीम से जुड़ने के लिए उन्हें फ्रेंचाइजी के साथ अपना मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट खत्म करना पड़ सकता है।

माना जा रहा है कि पंजाब किंग्स इस मामले में रुकावट नहीं बनेगी, क्योंकि यह बीसीसीआई और भारतीय टीम से जुड़ा अवसर है।

भारतीय स्पिनरों को मिल सकता है फायदा

बहुतुले की नियुक्ति कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और रवि बिश्नोई जैसे स्पिनरों के लिए अहम साबित हो सकती है।

भारतीय पिचों पर स्पिन गेंदबाजी हमेशा बड़ी भूमिका निभाती है। ऐसे में अलग स्पिन कोच रणनीति, विविधता और मैच प्लानिंग में टीम की मदद कर सकता है।

लेखक के बारे में
क्रिकेट विशेषज्ञ

1987 में कोलकाता में पैदा हुए रोहन शर्मा ने 2012 में पुणे विश्वविद्यालय से स्पोर्ट्स सांख्यिकी में मास्टर्स की डिग्री पूरी की। 2013 से 2020 तक, उन्होंने भारतीय क्रिकेट बोर्ड के साथ सहयोग किया, खिलाड़ियों के एनालिटिक्स और खेल रणनीति के अनुकूलन पर ध्यान केंद्रित किया। शर्मा ने 16 शैक्षिक पेपर लिखे हैं, मुख्य रूप से गेंदबाजी तकनीकों के विकास और फ़ील्ड प्लेसमेंट के परिवर्तन का समर्थन किया। 2021 में, उन्होंने पत्रकारिता में परिवर्तन किया। शर्मा वर्तमान में क्रिकेट पर विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं, मैच गतिकी और खिलाड़ी रणनीतियों पर दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं, नियमित रूप से विभिन्न खेल-केंद्रित प्लेटफ़ॉर्मों में योगदान करते हैं।

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