पाटीदार की तूफानी बल्लेबाज़ी से RCB फिर पहुंची फाइनल में

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने आईपीएल 2026 के क्वालिफायर-1 में गुजरात टाइटंस को 92 रन से हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह बना ली।

धर्मशाला में खेले गए मुकाबले में कप्तान रजत पाटीदार ने सिर्फ 33 गेंदों पर नाबाद 93 रन बनाकर मैच पूरी तरह एकतरफा कर दिया।

पाटीदार ने खेली करियर की सबसे बड़ी पारी

RCB के कप्तान ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी के दौरान 9 शानदार छक्के लगाए और गुजरात के गेंदबाज़ों को पूरी तरह दबाव में डाल दिया।

उनकी पारी इतनी आक्रामक थी कि आईपीएल इतिहास की सबसे बेख़ौफ़ पारियों में इसे गिना जा रहा है।

इस दौरान पाटीदार ने एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। वह आईपीएल में सबसे तेज़ 100 छक्के लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज़ों में शामिल हो गए और क्रिस गेल जैसे दिग्गज को पीछे छोड़ दिया।

कोहली और टीम ने शुरुआत से बनाया दबाव

गुजरात के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी चुनी, लेकिन RCB ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया।

विराट कोहली और वेंकटेश अय्यर ने पावरप्ले में तेज़ रन बनाकर गुजरात की योजना बिगाड़ दी।

इसके बाद पाटीदार को एक जीवनदान मिला जब कगीसो रबाडा ने उनका कैच छोड़ दिया। वहीं से मैच पूरी तरह RCB की पकड़ में चला गया।

गुजरात की बल्लेबाज़ी जल्दी बिखरी

बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए गुजरात टाइटंस की शुरुआत बेहद खराब रही।

टीम ने शुरुआती छह ओवर में ही 51 रन पर पांच विकेट गंवा दिए, जिससे मैच लगभग हाथ से निकल गया।

राहुल तेवतिया ने संघर्ष करते हुए अर्धशतक जरूर बनाया, लेकिन हार का अंतर कम करने के अलावा टीम कुछ खास नहीं कर सकी।

अब गुजरात को फाइनल में पहुंचने के लिए दूसरा मौका खेलना होगा।

गेंदबाज़ों ने भी निभाई अहम भूमिका

RCB की जीत में गेंदबाज़ों का योगदान भी बेहद अहम रहा।

जैकब डफी ने सबसे ज्यादा तीन विकेट लिए, जबकि भुवनेश्वर कुमार ने किफायती गेंदबाज़ी करते हुए दो अहम विकेट हासिल किए और पर्पल कैप अपने पास बरकरार रखी।

क्रुणाल पंड्या ने बल्ले से 43 रन बनाने के बाद गेंद से भी दो विकेट लेकर ऑलराउंड प्रदर्शन किया।

पाटीदार की कप्तानी ने बदली टीम की पहचान

रजत पाटीदार की कप्तानी में RCB इस सीजन बेहद आक्रामक अंदाज़ में खेलती दिखाई दी है।

टीम सिर्फ डिफेंडिंग चैंपियन की तरह नहीं बल्कि लगातार हमला करने वाली इकाई की तरह खेल रही है।

वहीं विराट कोहली ने लगातार चौथे सीजन 600 से ज्यादा रन बनाकर नया रिकॉर्ड अपने नाम किया और टीम की सफलता में बड़ा योगदान दिया।

लेखक के बारे में
क्रिकेट विशेषज्ञ

1987 में कोलकाता में पैदा हुए रोहन शर्मा ने 2012 में पुणे विश्वविद्यालय से स्पोर्ट्स सांख्यिकी में मास्टर्स की डिग्री पूरी की। 2013 से 2020 तक, उन्होंने भारतीय क्रिकेट बोर्ड के साथ सहयोग किया, खिलाड़ियों के एनालिटिक्स और खेल रणनीति के अनुकूलन पर ध्यान केंद्रित किया। शर्मा ने 16 शैक्षिक पेपर लिखे हैं, मुख्य रूप से गेंदबाजी तकनीकों के विकास और फ़ील्ड प्लेसमेंट के परिवर्तन का समर्थन किया। 2021 में, उन्होंने पत्रकारिता में परिवर्तन किया। शर्मा वर्तमान में क्रिकेट पर विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं, मैच गतिकी और खिलाड़ी रणनीतियों पर दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं, नियमित रूप से विभिन्न खेल-केंद्रित प्लेटफ़ॉर्मों में योगदान करते हैं।

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