
कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए IPL 2026 का सफर अब तक बेहद निराशाजनक रहा है। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 32 रन की हार के बाद KKR के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया, जिसे टीम कभी याद नहीं रखना चाहेगी. ESPNcricinfo के स्कोरकार्ड के मुताबिक चेन्नई ने 192/5 बनाए और जवाब में कोलकाता 160/7 तक ही पहुंच सकी.
KKR पहली बार शुरुआती पांच मैचों में जीत से दूर
इस हार के साथ KKR ने अपने पहले पांच मैचों में एक भी जीत दर्ज नहीं की. यह IPL इतिहास में पहली बार हुआ है कि कोलकाता जैसी तीन बार की चैंपियन टीम सीजन के शुरुआती पांच मुकाबलों में जीत का खाता तक नहीं खोल पाई. उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार KKR को इस सीजन मुंबई इंडियंस, सनराइजर्स हैदराबाद, लखनऊ सुपर जायंट्स और अब चेन्नई सुपर किंग्स से हार मिली, जबकि पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच बारिश के कारण रद्द रहा.
CSK ने 200 से कम का स्कोर बचाकर बनाया खास रिकॉर्ड
चेन्नई की जीत सिर्फ अंकतालिका के लिहाज से ही अहम नहीं थी. इस सीजन 200 से कम के लक्ष्य का बचाव करना मुश्किल साबित हो रहा था, लेकिन CSK ने 193 रन डिफेंड कर यह कर दिखाया. मैच रिपोर्टों में इसे इस सीजन का एक खास मोड़ बताया गया है, क्योंकि अब तक ऐसे ज्यादातर मुकाबलों में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम हार रही थी.
नूर अहमद ने तोड़ी KKR की कमर
कोलकाता की रनचेज शुरुआत से ही डगमगाती रही. फिन एलेन जल्दी आउट हुए, सुनील नरेन और अंगकृष रघुवंशी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके, जबकि रिंकू सिंह और कैमरन ग्रीन भी असर नहीं छोड़ पाए. चेन्नई की ओर से नूर अहमद ने सबसे अहम भूमिका निभाई और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया. स्कोरकार्ड के अनुसार नूर अहमद ने 3 विकेट लेकर KKR की वापसी की उम्मीद तोड़ दी.
CSK के बल्लेबाजों ने रखी जीत की नींव
चेन्नई के लिए संजू सैमसन ने 48 रन, आयुष म्हात्रे ने 38 रन और डेवाल्ड ब्रेविस ने 41 रन की उपयोगी पारियां खेलीं. इसी संतुलित बल्लेबाजी ने CSK को 192 तक पहुंचाया, जो बाद में मैच जिताऊ स्कोर साबित हुआ. स्कोरकार्ड बताता है कि चेन्नई ने पावरप्ले में ही तेज शुरुआत कर दी थी और वही बढ़त आखिरी तक कायम रही.
अंकतालिका में KKR सबसे नीचे
इस हार का असर सीधे अंकतालिका पर भी दिखा. मैच 22 के बाद KKR तालिका में सबसे नीचे पहुंच गई, जबकि CSK ने लगातार दूसरी जीत के साथ अपनी स्थिति थोड़ी सुधारी. रिपोर्टों के मुताबिक चेन्नई आठवें स्थान तक पहुंची, जबकि कोलकाता का संकट और गहरा गया.
अब KKR पर सिर्फ दबाव ही दबाव
चार हार और एक बेनतीजा मैच के बाद KKR के पास अब बहानों की गुंजाइश बहुत कम बची है. टीम को सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि जल्दी और लगातार जीत की जरूरत है. वरना यह सीजन बहुत जल्दी उनके हाथ से फिसल सकता है.
चेन्नई के खिलाफ हार ने सिर्फ दो अंक नहीं छीने, इसने KKR के अभियान पर एक बड़ा सवालिया निशान भी लगा दिया है.