
दो अलग मामलों की जांच में जुटी एंटी करप्शन यूनिट
आईसीसी की एंटी करप्शन यूनिट क्रिकेट कनाडा से जुड़े दो मामलों की जांच कर रही है। इस दायरे में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर संभावित नियम उल्लंघनों के साथ एक टी20 मुकाबला भी शामिल है, जिस पर अब सवाल उठने लगे हैं।
यह जांच उस डॉक्यूमेंट्री के सामने आने के बाद शुरू हुई, जिसमें क्रिकेट कनाडा के प्रशासन और उसके कामकाज को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए। इस फिल्म में बोर्ड की कार्यप्रणाली, टीम प्रबंधन और कुछ संदिग्ध घटनाओं को विस्तार से उठाया गया है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ एक ओवर पर उठे सवाल
जांच के केंद्र में टी20 विश्व कप के दौरान कनाडा और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया एक मैच भी आ गया है। इस मुकाबले के एक खास ओवर को शक की नजर से देखा जा रहा है, क्योंकि गेंदबाजी में अचानक बदलाव और उस ओवर की घटनाओं ने संदेह पैदा किया।
कनाडा ने मैच में तेज गेंदबाजों से शुरुआत की थी, लेकिन तीसरे ओवर में स्पिन को आजमाया गया। इसके बाद अगले स्पिनर के तौर पर रविंदरपाल सिंह बाजवा आए, जिनके ओवर की शुरुआत नो बॉल से हुई, फिर वाइड गई और कुल 15 रन बने। बाजवा मुख्य रूप से बल्लेबाज हैं और पार्ट टाइम ऑफ स्पिन करते हैं, इसलिए इसी ओवर को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
यह मैच 17 फरवरी को चेन्नई में खेला गया था। कनाडा ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 173 रन बनाए, लेकिन न्यूजीलैंड ने लक्ष्य 28 गेंद बाकी रहते 8 विकेट से हासिल कर लिया।
कोच पर टीम चयन को लेकर दबाव के आरोप
दूसरा मामला टीम चयन से जुड़ा है। आरोप है कि कोच पर कुछ खास खिलाड़ियों को टीम में शामिल करने के लिए दबाव डाला गया था। इसी पहलू की भी आईसीसी जांच कर रही है।
एक लीक ऑडियो कॉल में तत्कालीन कोच खुर्रम चौहान कथित तौर पर यह कहते सुनाई देते हैं कि बोर्ड के कुछ वरिष्ठ सदस्य उन पर अपनी पसंद के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम में जगह दिलाने का दबाव बना रहे थे। यह ऑडियो पिछले साल सामने आया था और अब जांच का हिस्सा बन चुका है।
पूर्व कोच पुबुदु दसानायके ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि 2024 टी20 विश्व कप के लिए टीम चुनते समय उन पर दबाव बनाया गया और बात न मानने पर पद से हटाने की धमकी दी गई।
आईसीसी ने कहा, मामले की जानकारी है
आईसीसी की इंटीग्रिटी यूनिट ने माना है कि वह इन आरोपों और डॉक्यूमेंट्री में उठाए गए मुद्दों से परिचित है। हालांकि, संस्था ने अपनी प्रक्रिया का हवाला देते हुए फिलहाल किसी खास आरोप पर खुलकर टिप्पणी करने से परहेज किया है।
आईसीसी का कहना है कि उसकी एंटी करप्शन यूनिट खुफिया जानकारी और रोकथाम दोनों मोर्चों पर काम करती है। जहां भी खेल की साख को खतरा दिखेगा, वहां जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासनिक संकट ने भी बढ़ाई चिंता
क्रिकेट कनाडा पिछले एक साल से प्रशासनिक विवादों में घिरा हुआ है। पूर्व सीईओ सलमान खान की नियुक्ति भी विवादों में रही, क्योंकि उन पर अपने पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी छिपाने के आरोप लगे। उन पर चोरी और धोखाधड़ी के मामले भी दर्ज बताए गए हैं, हालांकि उन्होंने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।
इसी बीच बोर्ड में नेतृत्व परिवर्तन भी हुआ है और अमजद बाजवा की जगह अरविंदर खोसा को नया अध्यक्ष चुना गया है। इससे साफ है कि संगठन के भीतर अस्थिरता लंबे समय से बनी हुई है।
खिलाड़ियों के भुगतान में देरी का भी दावा
डॉक्यूमेंट्री में यह भी कहा गया है कि टी20 विश्व कप 2024 में खेलने वाले कनाडाई खिलाड़ियों को इनामी राशि समय पर नहीं मिली। साथ ही यह आरोप भी लगाया गया कि राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी जुलाई 2023 से बिना अनुबंध के थे और विश्व कप से कुछ महीने पहले ही कम रिटेनर फीस पर उन्हें जोड़ा गया।
कुछ दावों में संगठित अपराध से संभावित संबंधों का भी जिक्र किया गया है। इस हिस्से पर आईसीसी का कहना है कि ऐसे पहलू स्थानीय पुलिस और कानून व्यवस्था से जुड़े विषय हैं।