इंग्लैंड टेस्ट टीम की कोचिंग रेस में राहुल द्रविड़, कई बड़े नाम भी दावेदार

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ इंग्लैंड की टेस्ट टीम के नए कोच बनने के संभावित उम्मीदवारों में शामिल हो गए हैं। ब्रैंडन मैकुलम के पद छोड़ने के बाद इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने नए कोच की तलाश शुरू कर दी है।

इस जिम्मेदारी के लिए द्रविड़ के अलावा इंग्लैंड के पूर्व कोच एंडी फ्लावर, श्रीलंका के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा, इंग्लैंड लायंस के कोच एंड्रयू फ्लिंटॉफ, पाकिस्तान के मुख्य कोच माइक हेसन और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कोच जस्टिन लैंगर के नाम भी चर्चा में हैं।

पूर्व इंग्लिश स्पिनर और ग्लेमॉर्गन के मौजूदा मुख्य कोच रिचर्ड डॉसन को भी इस पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

न्यूजीलैंड से हार के बाद समाप्त हुआ मैकुलम का टेस्ट कार्यकाल

इंग्लैंड को घरेलू टेस्ट सीरीज में न्यूजीलैंड के खिलाफ 1 से 2 से हार का सामना करना पड़ा था। इस नतीजे के बाद टेस्ट टीम के मुख्य कोच के रूप में ब्रैंडन मैकुलम का चार साल का कार्यकाल समाप्त हो गया।

इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने अगले साल होने वाली एशेज सीरीज को ध्यान में रखते हुए कोचिंग व्यवस्था में बदलाव करने का फैसला किया। बोर्ड का मानना है कि महत्वपूर्ण सीरीज से पहले टीम को नई दिशा देने का यह सही समय है।

मैकुलम ने रविवार, 12 जुलाई को इंग्लैंड की टेस्ट टीम के कोच पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, वह वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय टीमों के मुख्य कोच बने रहेंगे।

उनके पद छोड़ने के साथ ही इंग्लैंड टेस्ट क्रिकेट में बैजबॉल के नाम से प्रसिद्ध चार साल लंबे दौर का भी अंत हो गया। मैकुलम के कार्यकाल में इंग्लैंड ने आक्रामक बल्लेबाजी और जोखिम भरी रणनीति अपनाई, लेकिन हाल के नतीजों ने इस शैली पर सवाल खड़े कर दिए थे।

राहुल द्रविड़ को क्यों माना जा रहा मजबूत उम्मीदवार

53 वर्षीय राहुल द्रविड़ को उनके शांत स्वभाव, योजनाबद्ध कार्यशैली और क्रिकेट की गहरी समझ के कारण इंग्लैंड के लिए उपयुक्त विकल्प माना जा रहा है।

द्रविड़ के मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने 2024 का टी20 विश्व कप जीता था। उनके कार्यकाल में भारत 2023 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भी पहुंचा था।

भारतीय टीम के साथ काम करते हुए द्रविड़ ने युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच अच्छा संतुलन बनाया। उन्होंने खिलाड़ियों की तकनीक सुधारने के साथ ही अलग परिस्थितियों के अनुसार टीम की रणनीति तैयार करने पर भी जोर दिया।

इंग्लैंड को अगले साल एशेज सीरीज खेलनी है और बोर्ड ऐसे कोच की तलाश में है जो टेस्ट क्रिकेट की जरूरतों को समझता हो। द्रविड़ का लंबा अंतरराष्ट्रीय अनुभव और रेड बॉल क्रिकेट के प्रति उनका झुकाव उन्हें इस भूमिका के लिए महत्वपूर्ण उम्मीदवार बनाता है।

पूर्णकालिक कोचिंग के इच्छुक नहीं हैं द्रविड़

रिपोर्ट के अनुसार, राहुल द्रविड़ फिलहाल किसी टीम के साथ पूर्णकालिक कोचिंग की जिम्मेदारी लेने के इच्छुक नहीं हैं। भारतीय टीम के मुख्य कोच का पद छोड़ने के बाद वह अपने परिवार के साथ अधिक समय बिताना चाहते हैं।

हालांकि, इंग्लैंड टेस्ट टीम की भूमिका उनके लिए अलग अवसर बन सकती है। इस पद पर उन्हें वनडे और टी20 टीमों की जिम्मेदारी नहीं संभालनी होगी। टेस्ट मैचों की सीमित संख्या के कारण वह घर पर अधिक समय बिता सकते हैं और साथ ही अपने पसंदीदा प्रारूप के साथ जुड़े रह सकते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इंग्लैंड बोर्ड को कम से कम द्रविड़ से संपर्क करके यह जानने का प्रयास करना चाहिए कि वह इस भूमिका में रुचि रखते हैं या नहीं।

यदि द्रविड़ इस प्रस्ताव पर विचार करते हैं, तो इंग्लैंड को ऐसा कोच मिल सकता है जिसके पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, खिलाड़ी प्रबंधन और बड़े टूर्नामेंट का पर्याप्त अनुभव है।

एंडी फ्लावर भी प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल

जिम्बाब्वे के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर एंडी फ्लावर को भी इंग्लैंड टेस्ट टीम के कोच पद का बड़ा दावेदार माना जा रहा है।

फ्लावर आधुनिक दौर में इंग्लैंड के सबसे सफल कोचों में शामिल रहे हैं। उनके कार्यकाल में इंग्लैंड ने तीन बार एशेज सीरीज जीती और टेस्ट रैंकिंग में पहला स्थान हासिल किया।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बाद फ्लावर ने फ्रेंचाइजी प्रतियोगिताओं में भी सफलतापूर्वक काम किया है। उन्होंने अलग अलग देशों की टी20 लीग में कई टीमों को कोचिंग दी और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ लगातार आईपीएल खिताब भी जीते।

उनका अनुभव, इंग्लिश क्रिकेट व्यवस्था की समझ और एशेज में पिछली सफलता उन्हें इस पद के लिए स्वाभाविक विकल्प बनाती है।

डॉसन, संगकारा और फ्लिंटॉफ भी रेस में

ग्लेमॉर्गन के मुख्य कोच रिचर्ड डॉसन का नाम भी गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने काउंटी और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर अपनी रणनीतिक समझ तथा कोचिंग क्षमता से प्रभावित किया है।

कुमार संगकारा के पास उच्च स्तर का अंतरराष्ट्रीय अनुभव है। वह लंबे समय से इंग्लिश क्रिकेट से जुड़े रहे हैं और फ्रेंचाइजी स्तर पर भी कोचिंग तथा प्रबंधन की जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।

इंग्लैंड लायंस के कोच एंड्रयू फ्लिंटॉफ भी संभावित उम्मीदवारों की सूची में हैं। पूर्व ऑलराउंडर को इंग्लैंड क्रिकेट की संस्कृति की अच्छी समझ है और उन्होंने हाल के वर्षों में कोचिंग के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है।

पाकिस्तान के मुख्य कोच माइक हेसन और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कोच जस्टिन लैंगर के नाम भी चर्चा में हैं। दोनों के पास अंतरराष्ट्रीय टीमों को संभालने का लंबा अनुभव है।

अब इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड को तय करना है कि वह किसी अनुभवी विदेशी कोच को जिम्मेदारी सौंपता है या घरेलू क्रिकेट से जुड़े किसी उम्मीदवार को आगे बढ़ाता है। एशेज से पहले होने वाली यह नियुक्ति इंग्लैंड टेस्ट टीम के भविष्य के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

लेखक के बारे में
क्रिकेट विशेषज्ञ

1987 में कोलकाता में पैदा हुए रोहन शर्मा ने 2012 में पुणे विश्वविद्यालय से स्पोर्ट्स सांख्यिकी में मास्टर्स की डिग्री पूरी की। 2013 से 2020 तक, उन्होंने भारतीय क्रिकेट बोर्ड के साथ सहयोग किया, खिलाड़ियों के एनालिटिक्स और खेल रणनीति के अनुकूलन पर ध्यान केंद्रित किया। शर्मा ने 16 शैक्षिक पेपर लिखे हैं, मुख्य रूप से गेंदबाजी तकनीकों के विकास और फ़ील्ड प्लेसमेंट के परिवर्तन का समर्थन किया। 2021 में, उन्होंने पत्रकारिता में परिवर्तन किया। शर्मा वर्तमान में क्रिकेट पर विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं, मैच गतिकी और खिलाड़ी रणनीतियों पर दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं, नियमित रूप से विभिन्न खेल-केंद्रित प्लेटफ़ॉर्मों में योगदान करते हैं।

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