रामोस के देर से किए गोल ने पुर्तगाल को बचाया, रोनाल्डो की उम्मीद कायम

गोंसालो रामोस के 94वें मिनट में किए गए निर्णायक गोल की मदद से पुर्तगाल ने क्रोएशिया को 2-1 से हराकर फीफा विश्व कप 2026 के अगले दौर में जगह बना ली। इस जीत के साथ क्रिस्टियानो रोनाल्डो का विश्व कप जीतने का सपना अभी भी जिंदा है।

पहले हाफ में दोनों टीमों ने मौके बनाए, लेकिन गोल नहीं आया

नई दिल्ली। पुर्तगाल और क्रोएशिया के बीच मुकाबला शुरुआत से ही कड़ा रहा। पुर्तगाल ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण दिखाया, लेकिन क्रोएशिया भी दबाव झेलने के साथ पलटवार करती रही।

यह मैच दो बड़े नामों के कारण भी खास था। पुर्तगाल की ओर से रोनाल्डो पर नजरें थीं, जबकि क्रोएशिया के लिए लुका मोड्रिक अहम चेहरा थे। पहले हाफ में मोड्रिक ने मिडफील्ड से कई बार पुर्तगाल की रक्षापंक्ति को परेशान किया। रोनाल्डो भी खतरनाक क्षेत्र में पहुंचे, लेकिन वह लक्ष्य पर सटीक शॉट नहीं लगा सके।

पहले 45 मिनट में दोनों टीमों ने कोशिश जरूर की, लेकिन स्कोर 0-0 ही रहा।

दूसरे हाफ में पेरिसिक ने क्रोएशिया को बढ़त दिलाई

ब्रेक के बाद मुकाबले की रफ्तार बढ़ गई। 53वें मिनट में इवान पेरिसिक ने शानदार मौका भुनाते हुए क्रोएशिया को 1-0 से आगे कर दिया। इसके दो मिनट बाद मातानोविक ने भी गेंद नेट में भेजी, लेकिन ऑफसाइड के कारण वह गोल मान्य नहीं हुआ।

पुर्तगाल ने दबाव बनाना जारी रखा। 68वें मिनट में वीएआर की मदद से रेफरी ने रेनाटो वेइगा पर फाउल का फैसला दिया और पुर्तगाल को पेनल्टी मिली। रोनाल्डो ने इस मौके को नहीं गंवाया और गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया।

81वें मिनट में रोनाल्डो को मैदान से बाहर बुला लिया गया। वह इस फैसले से निराश दिखे, लेकिन पुर्तगाल की उम्मीदें अभी बाकी थीं।

रामोस ने आखिरी समय में बदला मैच

जब मुकाबला अतिरिक्त समय या पेनल्टी शूटआउट की ओर जाता दिख रहा था, तभी 94वें मिनट में गोंसालो रामोस ने पुर्तगाल को बढ़त दिला दी। उनका गोल मैच का निर्णायक पल साबित हुआ।

क्रोएशिया ने अंत तक वापसी की कोशिश की, लेकिन पुर्तगाल ने बढ़त बचाए रखी। इस जीत के बाद पुर्तगाल अगले दौर में पहुंच गया, जहां उसका सामना 6 जुलाई को स्पेन से होगा।

रोनाल्डो ने अब तक विश्व कप नहीं जीता है और यह टूर्नामेंट उनके करियर का आखिरी विश्व कप हो सकता है। ऐसे में पुर्तगाल की यह जीत उनके लिए बेहद अहम है।

लेखक के बारे में
क्रिकेट विशेषज्ञ

1987 में कोलकाता में पैदा हुए रोहन शर्मा ने 2012 में पुणे विश्वविद्यालय से स्पोर्ट्स सांख्यिकी में मास्टर्स की डिग्री पूरी की। 2013 से 2020 तक, उन्होंने भारतीय क्रिकेट बोर्ड के साथ सहयोग किया, खिलाड़ियों के एनालिटिक्स और खेल रणनीति के अनुकूलन पर ध्यान केंद्रित किया। शर्मा ने 16 शैक्षिक पेपर लिखे हैं, मुख्य रूप से गेंदबाजी तकनीकों के विकास और फ़ील्ड प्लेसमेंट के परिवर्तन का समर्थन किया। 2021 में, उन्होंने पत्रकारिता में परिवर्तन किया। शर्मा वर्तमान में क्रिकेट पर विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं, मैच गतिकी और खिलाड़ी रणनीतियों पर दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं, नियमित रूप से विभिन्न खेल-केंद्रित प्लेटफ़ॉर्मों में योगदान करते हैं।

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