भारत की रोमांचक जीत के बाद सूर्या ने बताया मैच का टर्निंग पॉइंट

सेमीफाइनल में इंग्लैंड पर जीत, कप्तान ने खोला जीत का राज

वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 7 रन से हराकर फाइनल में जगह बना ली। मुकाबला आखिरी तक बेहद तनावपूर्ण रहा, लेकिन जीत के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने साफ किया कि टीम ने दबाव के बीच भी संयम नहीं छोड़ा। उन्होंने इस जीत को खास बताया और कहा कि भारत में वर्ल्ड कप खेलना, ऐसी टीम की कप्तानी करना और फाइनल में पहुंचना अविश्वसनीय अहसास है।

सूर्यकुमार ने मैच के बाद माना कि यह आसान जीत नहीं थी। उनके अनुसार एक समय मुकाबला पूरी तरह खुला हुआ था और इंग्लैंड रनचेज में लगातार दबाव बनाए हुए था। इसी दौरान भारतीय गेंदबाजों की वापसी ने मैच का रुख बदल दिया। कप्तान ने खास तौर पर जसप्रीत बुमराह और बाकी गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि अहम मोड़ पर उन्होंने शानदार नियंत्रण दिखाया और वहीं से भारत मुकाबले में फिर मजबूत स्थिति में आ गया।

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संजू, शिवम और गेंदबाजों की भूमिका पर क्या बोले सूर्या

सूर्यकुमार यादव ने संजू सैमसन की बल्लेबाजी की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि संजू मैदान पर उतरते ही अपनी भूमिका समझ चुके थे और उन्होंने उसी हिसाब से जिम्मेदार पारी खेली। कप्तान ने इशारा किया कि बड़े मैच में यही समझ सबसे ज्यादा मायने रखती है।

उन्होंने यह भी बताया कि टीम में नंबर तीन तक बल्लेबाजी क्रम लगभग तय था, इसलिए बड़े बदलाव की जरूरत नहीं समझी गई। हालांकि एक खास मैच अप को ध्यान में रखते हुए शिवम दुबे को ऊपर भेजने का फैसला लिया गया। यह फैसला टीम रणनीति का हिस्सा था और उससे भारत को जरूरी संतुलन मिला।

फील्डिंग को लेकर भी सूर्या ने पूरी टीम की तारीफ की और फील्डिंग कोच दिलीप टी का नाम लेकर कहा कि मैदान पर दिखाई दे रही ऊर्जा और चुस्ती के पीछे काफी मेहनत है। उनके मुताबिक बड़े टूर्नामेंट में केवल बल्लेबाजी या गेंदबाजी ही नहीं, फील्डिंग भी मैच जिताती है।

नर्वस थे सूर्या, इंग्लैंड कप्तान से भी किया मजाक

भारतीय कप्तान ने स्वीकार किया कि मैच के दौरान वह काफी नर्वस थे। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर उस समय किसी ने उनकी हार्ट रेट चेक की होती तो वह 175 के आसपास होती। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मुकाबला खिलाड़ियों के लिए कितना दबाव भरा था।

इंग्लैंड के रनचेज के दौरान सूर्या ने हल्के अंदाज में यह भी कहा कि उन्होंने हैरी ब्रुक से पूछा कि आखिर उनके खिलाफ कितना स्कोर बनाना पड़ेगा। इस टिप्पणी से साफ था कि भारतीय टीम को भी महसूस हो रहा था कि विकेट अच्छा है और इंग्लैंड अंत तक चुनौती देने वाला है।

सूर्यकुमार ने एक और बात पर जोर दिया कि जब टीम वॉर्म अप के लिए मैदान पर उतरी तब स्टेडियम का बड़ा हिस्सा भर चुका था। उनके अनुसार इससे साफ दिख रहा था कि दर्शक भारत को जीतते देखना चाहते थे, और यही माहौल खिलाड़ियों के लिए अतिरिक्त ऊर्जा लेकर आया।

लेखक के बारे में
क्रिकेट विशेषज्ञ

1987 में कोलकाता में पैदा हुए रोहन शर्मा ने 2012 में पुणे विश्वविद्यालय से स्पोर्ट्स सांख्यिकी में मास्टर्स की डिग्री पूरी की। 2013 से 2020 तक, उन्होंने भारतीय क्रिकेट बोर्ड के साथ सहयोग किया, खिलाड़ियों के एनालिटिक्स और खेल रणनीति के अनुकूलन पर ध्यान केंद्रित किया। शर्मा ने 16 शैक्षिक पेपर लिखे हैं, मुख्य रूप से गेंदबाजी तकनीकों के विकास और फ़ील्ड प्लेसमेंट के परिवर्तन का समर्थन किया। 2021 में, उन्होंने पत्रकारिता में परिवर्तन किया। शर्मा वर्तमान में क्रिकेट पर विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं, मैच गतिकी और खिलाड़ी रणनीतियों पर दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं, नियमित रूप से विभिन्न खेल-केंद्रित प्लेटफ़ॉर्मों में योगदान करते हैं।

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