
बीसीसीआई की नीति से घरेलू क्रिकेट में नई जान
विजय हजारे ट्रॉफी २०२५-२६ का पहला दिन पूरी तरह रोहित शर्मा और विराट कोहली के नाम रहा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों के लिए घरेलू क्रिकेट खेलना अनिवार्य कर दिया है। इसी नीति के कारण दोनों पूर्व कप्तान लिस्ट ए घरेलू क्रिकेट में लौटे और मुंबई तथा दिल्ली के लिए शानदार शतक ठोके।
इस फैसले से घरेलू टूर्नामेंट में नई रौनक आई है। जनवरी २०२६ में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज से पहले खिलाड़ियों को जरूरी मैच प्रैक्टिस भी मिल रही है।
रोहित शर्मा का विस्फोटक प्रदर्शन
जयपुर में सिक्किम के खिलाफ मुंबई के लिए खेलते हुए रोहित शर्मा ने मात्र ९४ गेंदों पर १५५ रन बनाए। उनकी पारी में १८ चौके और ९ छक्के शामिल थे। सिर्फ ६२ गेंदों में शतक जड़कर उन्होंने अपने लिस्ट ए करियर का सबसे तेज शतक पूरा किया।
ओपनिंग करते हुए रोहित ने युवा अंगकृष रघुवंशी के साथ १४१ रनों की साझेदारी की। २३७ रनों के लक्ष्य को मुंबई ने आठ विकेट से जीत लिया। सवाई मानसिंह स्टेडियम में दर्शकों ने “मुंबई चा राजा” के नारे लगाकर माहौल को उत्सवी बना दिया।
विराट कोहली का चेज मास्टर क्लास
बेंगलुरु में आंध्र प्रदेश के खिलाफ दिल्ली के लिए १५ साल बाद विजय हजारे में उतरे विराट कोहली ने १०१ गेंदों पर १३१ रन ठोके। नंबर ३ पर बल्लेबाजी करते हुए २९९ रनों के लक्ष्य का पीछा किया। उनकी पारी में पुल, कट, फ्लिक और स्ट्रेट ड्राइव जैसे क्लासिक शॉट्स की भरमार थी।
३९ गेंदों में अर्धशतक और ८३ गेंदों में शतक पूरा किया। प्रियांश आर्य और नितीश राणा के साथ साझेदारी कर दिल्ली को चार विकेट से जीत दिलाई। बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बंद दरवाजों के पीछे खेले गए मैच में कोहली ने लिस्ट ए में १६,००० रन सबसे तेज पूरा करने का रिकॉर्ड भी बनाया।
एक यादगार दिन का असर
इस दिन को “रोको शो” कहा जा रहा है। दोनों खिलाड़ी सफेद गेंद क्रिकेट में अब भी अलग स्तर के हैं, यह साबित हो गया। रोहित ने लिस्ट ए में सबसे ज्यादा १५०+ स्कोर का रिकॉर्ड बराबर किया, जबकि कोहली ने अपनी बादशाहत जारी रखी।
युवा वैभव सूर्यवंशी ने भी तेज शतक लगाया, लेकिन सुर्खियां पूरी तरह रोहित और विराट की रहीं। बीसीसीआई की घरेलू क्रिकेट नीति सफल साबित हो रही है – उत्साह और दर्शक दोनों बढ़ गए हैं।