रिंकू सिंह ने धोनी के रिकॉर्ड की बराबरी कर सबको चौंकाया

20वें ओवर में छक्कों का रिकॉर्ड बराबर

नागपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में रिंकू सिंह ने कमाल का प्रदर्शन किया। उन्होंने महज 20 गेंदों पर नाबाद 44 रन बनाए जिसमें चार चौके और तीन छक्के शामिल रहे। आखिरी ओवर में दो छक्के लगाकर उन्होंने भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल में 20वें ओवर में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गए।

रिंकू ने अब तक आखिरी ओवर में कुल 12 छक्के लगाए हैं जो एमएस धोनी के रिकॉर्ड के बराबर है। धोनी ने यह मुकाम 132 गेंदों में हासिल किया था जबकि रिंकू ने सिर्फ 38 गेंदों में यह उपलब्धि पूरी कर ली। इस सूची में अब सिर्फ हार्दिक पांड्या 15 छक्कों के साथ आगे हैं।

भारत के लिए 20वें ओवर में सर्वाधिक छक्के हार्दिक पांड्या 15 छक्के 99 गेंद रिंकू सिंह 12 छक्के 38 गेंद एमएस धोनी 12 छक्के 132 गेंद सूर्यकुमार यादव 11 छक्के 28 गेंद

साइमन डुल ने टीम मैनेजमेंट पर उठाए सवाल

न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज और कमेंटेटर साइमन डुल ने रिंकू की प्रतिभा को देखते हुए भारतीय टीम मैनेजमेंट पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रिंकू जैसे खिलाड़ी को अब तक 100 टी20 मैच खेलने चाहिए थे। डुल का मानना है कि टीम ने रिंकू का सही इस्तेमाल नहीं किया और उनकी क्षमता को नजरअंदाज किया गया।

उनकी 220 के स्ट्राइक रेट वाली पारी ने टी20 विश्व कप 2026 से पहले यह साबित कर दिया कि रिंकू दबाव में भी बड़े शॉट खेल सकते हैं। डुल ने कहा कि विश्व क्रिकेट में फिलहाल रिंकू से बेहतर फिनिशर कोई नहीं दिख रहा जो परिस्थितियों के हिसाब से बैटिंग करने में माहिर है।

मैच में भारत की शानदार जीत

भारत ने पहले टी20 में न्यूजीलैंड को 48 रनों से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। अभिषेक शर्मा की 84 रनों की पारी और रिंकू सिंह के नाबाद 44 के दम पर भारत ने 238 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया था। जवाब में कीवी टीम 190 रन पर सिमट गई।

रिंकू की इस पारी ने न केवल मैच जिताया बल्कि टी20 विश्व कप के लिए उनकी जगह को और मजबूत कर दिया। पहले टीम कॉम्बिनेशन के नाम पर उन्हें मौका नहीं मिल रहा था लेकिन अब उनकी फॉर्म उन्हें अनदेखा करना मुश्किल बना रही है।

लेखक के बारे में
क्रिकेट विशेषज्ञ

1987 में कोलकाता में पैदा हुए रोहन शर्मा ने 2012 में पुणे विश्वविद्यालय से स्पोर्ट्स सांख्यिकी में मास्टर्स की डिग्री पूरी की। 2013 से 2020 तक, उन्होंने भारतीय क्रिकेट बोर्ड के साथ सहयोग किया, खिलाड़ियों के एनालिटिक्स और खेल रणनीति के अनुकूलन पर ध्यान केंद्रित किया। शर्मा ने 16 शैक्षिक पेपर लिखे हैं, मुख्य रूप से गेंदबाजी तकनीकों के विकास और फ़ील्ड प्लेसमेंट के परिवर्तन का समर्थन किया। 2021 में, उन्होंने पत्रकारिता में परिवर्तन किया। शर्मा वर्तमान में क्रिकेट पर विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं, मैच गतिकी और खिलाड़ी रणनीतियों पर दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं, नियमित रूप से विभिन्न खेल-केंद्रित प्लेटफ़ॉर्मों में योगदान करते हैं।

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