
विजय हजारे ट्रॉफी में महाराष्ट्र के युवा गेंदबाज रामकृष्ण घोष ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। गोवा के खिलाफ मुकाबले में जब जीत के लिए आखिरी ओवर में 6 रन चाहिए थे, तब रामकृष्ण ने शानदार गेंदबाजी से एक भी रन नहीं दिया और मेडन ओवर डालकर अपनी टीम को असंभव जीत दिला दी।
यह जादुई स्पेल महाराष्ट्र के लिए मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। रामकृष्ण की सटीक लाइन और लेंथ तथा शानदार विविधताओं ने गोवा के बल्लेबाजों को पूरी तरह बांध दिया। क्रिकेट प्रेमियों ने इस प्रदर्शन को इतिहास का हिस्सा करार दिया।
आखिरी ओवर का रोमांचक क्षण
मैच के अंतिम ओवर में गोवा को जीत के लिए सिर्फ 6 रन चाहिए थे। हर कोई उम्मीद कर रहा था कि कोई बड़ा शॉट मैच खत्म कर देगा, लेकिन रामकृष्ण घोष ने बिल्कुल उल्टा कर दिखाया। उन्होंने लगातार यॉर्कर, स्लोअर और वैरिएशन वाली गेंदें फेंकी, जिससे बल्लेबाज एक भी रन नहीं बना सके। पूरा ओवर मेडन रहा और महाराष्ट्र ने मैच जीत लिया।
यह घटना क्रिकेट इतिहास में दुर्लभ मानी जा रही है, जहां आखिरी ओवर में इतने कम रनों की जरूरत होने पर भी गेंदबाज ने विरोधी टीम को जीत से वंचित कर दिया।
रामकृष्ण घोष का उभरता सितारा
रामकृष्ण घोष ने इस मैच में न सिर्फ टीम को बचाया, बल्कि अपनी काबिलियत से सबका ध्यान खींचा। विजय हजारे ट्रॉफी में उनका यह प्रदर्शन उन्हें आगे के मैचों में महत्वपूर्ण भूमिका दिला सकता है। क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे गेंदबाज टीम के लिए बहुत मूल्यवान होते हैं, खासकर दबाव वाले क्षणों में।