
आईपीएल 2026 शुरू होने से ठीक पहले राजस्थान रॉयल्स को लेकर एक बड़ी कारोबारी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्रेंचाइजी की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी अमेरिकी कारोबारी काल सोमानी के कंसोर्टियम को बेची जा रही है।
बताया जा रहा है कि यह डील करीब 1.63 बिलियन डॉलर, यानी लगभग 13,600 करोड़ रुपये की है। अगर यह सौदा तय रूप में पूरा होता है, तो राजस्थान रॉयल्स आईपीएल इतिहास की सबसे महंगी फ्रेंचाइजी में से एक के रूप में दर्ज होगी।
नई डील ने फ्रेंचाइजी बाजार की कीमतों को फिर चर्चा में ला दिया
इस सौदे की सबसे बड़ी बात इसकी रकम है। इतने बड़े मूल्यांकन के साथ यह साफ दिखता है कि आईपीएल टीमों की कारोबारी ताकत लगातार बढ़ रही है और निवेशकों की दिलचस्पी भी पहले से ज्यादा मजबूत हो चुकी है।
राजस्थान रॉयल्स लंबे समय से लीग की चर्चित टीमों में रही है, लेकिन अब यह खबर उसे खेल से आगे बढ़ाकर बिजनेस जगत की बड़ी सुर्खियों में भी ले आई है। माना जा रहा है कि यह डील अगले कुछ दिनों में औपचारिक रूप ले सकती है।
पहले मनोज बडाले के पास थी सबसे बड़ी हिस्सेदारी
इस नई डील से पहले फ्रेंचाइजी में सबसे बड़ी हिस्सेदारी ब्रिटिश भारतीय कारोबारी मनोज बडाले के पास थी। उनके पास टीम का 65 प्रतिशत हिस्सा बताया गया था, जबकि बाकी हिस्सेदारी अन्य निवेशकों के पास थी।
अब यदि 100 प्रतिशत ओनरशिप ट्रांसफर होती है, तो टीम के मालिकाना ढांचे में पूरी तरह नया दौर शुरू होगा। इसका असर सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि टीम की भविष्य की कारोबारी दिशा पर भी पड़ सकता है।
IPL में आगे और भी बड़े बदलाव दिख सकते हैं
रिपोर्ट में यह भी संकेत मिला है कि राजस्थान रॉयल्स के बाद दूसरी बड़ी फ्रेंचाइजियों को लेकर भी हलचल बढ़ सकती है। इसी बीच यह चर्चा भी तेज है कि एक और बड़ी आईपीएल टीम आरसीबी को लेकर भी भविष्य में बिक्री या निवेश से जुड़ी गतिविधियां सामने आ सकती हैं।
ऐसे में राजस्थान रॉयल्स की यह डील केवल एक टीम का मालिकाना बदलाव नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे पूरे आईपीएल इकोसिस्टम में बदलती कारोबारी तस्वीर के रूप में देखा जा रहा है।
नए सीजन से पहले टीम पर और बढ़ेंगी नजरें
अब जबकि आईपीएल 2026 की शुरुआत करीब है, राजस्थान रॉयल्स पर ध्यान और भी बढ़ जाएगा। एक तरफ टीम का मैदान पर प्रदर्शन रहेगा, दूसरी तरफ नए मालिकाना ढांचे को लेकर भी दिलचस्पी बनी रहेगी।
यानी आने वाले दिनों में राजस्थान रॉयल्स सिर्फ क्रिकेट कारणों से नहीं, बल्कि अपने बड़े कारोबारी बदलाव की वजह से भी लगातार चर्चा में रहने वाली है।