
IPL 2026 शुरू होने से पहले तेज गेंदबाजों की चोटों ने कई फ्रेंचाइजियों की योजना बिगाड़ दी है। इसी वजह से अब टीमों की नजर पाकिस्तान सुपर लीग में खेल रहे विदेशी खिलाड़ियों पर जा रही है, जिससे PCB की बेचैनी बढ़ती दिख रही है।
हालिया घटनाओं ने इस चर्चा को और तेज कर दिया है। खास तौर पर ब्लेसिंग मुजारबानी का PSL छोड़कर कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़ना इस पूरे मामले को नई दिशा दे गया है।
तेज गेंदबाजों की चोटों ने IPL टीमों को नए विकल्प खोजने पर मजबूर किया
रिपोर्ट के अनुसार, कई फ्रेंचाइजियां तेज गेंदबाजों की कमी से जूझ रही हैं। नाथन एलिस, सैम करन और हर्षित राणा जैसे नाम पहले ही बाहर हो चुके हैं, जबकि जोश हेजलवुड, पैट कमिंस और मिचेल स्टार्क की उपलब्धता को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। नुवान थुसारा पर भी सस्पेंस है, हालांकि मथीशा पथिराना को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं।
ऐसे हालात में टीमों के पास तैयार विकल्प कम बचे हैं। इसी कारण PSL में खेल रहे पेसरों पर नजर बढ़ना लगभग स्वाभाविक माना जा रहा है।
मुजारबानी के कदम ने पूरी बहस को और गर्म कर दिया
जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजारबानी ने इस्लामाबाद यूनाइटेड का साथ छोड़कर KKR जॉइन किया, और इस कदम ने यह साफ कर दिया कि IPL का आकर्षण PSL से खिलाड़ियों को खींच सकता है। रिपोर्ट में यह भी याद दिलाया गया है कि पिछले सीजन दक्षिण अफ्रीका के कॉर्बिन बॉश ने पेशावर जाल्मी छोड़कर मुंबई इंडियंस का रुख किया था।
यानी यह कोई अकेला मामला नहीं रह गया है। अब इसे एक बढ़ते ट्रेंड की तरह देखा जा रहा है, जो PSL फ्रेंचाइजियों और PCB दोनों के लिए चिंता का कारण बन सकता है।
स्पेंसर जॉनसन और बार्टमैन जैसे नाम भी चर्चा में हैं
रिपोर्ट के मुताबिक सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज है कि ऑस्ट्रेलिया के स्पेंसर जॉनसन और दक्षिण अफ्रीका के ओटनील बार्टमैन भी IPL टीमों के रडार पर हैं। अगर इंजरी संकट और गहराता है, तो ऐसे नाम और तेजी से सामने आ सकते हैं।
इसके अलावा PSL में मौजूद रिचर्ड ग्लीसन, शमार जोसेफ, अल्जारी जोसेफ, राइली मेरिडिथ और पीटर सिडल जैसे गेंदबाज भी संभावित विकल्पों के रूप में देखे जा रहे हैं।
PCB के लिए यह सिर्फ खिलाड़ी नहीं, लीग की साख का भी सवाल है
अगर IPL फ्रेंचाइजियां PSL में खेल रहे खिलाड़ियों को बीच रास्ते या उपलब्धता विंडो के दौरान आकर्षित करती हैं, तो यह PCB के लिए बड़ा झटका हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि PSL 2026 का आयोजन 26 मार्च से 3 मई तक होना है, जबकि IPL 28 मार्च से शुरू हो रहा है। ऐसे में दोनों लीगों का समय करीब होने से टकराव की आशंका और बढ़ जाती है।
इस बार PSL में टीमों की संख्या 6 से बढ़कर 8 हो गई है और कुल 44 मैच खेले जाने हैं। ऐसे में अगर विदेशी तेज गेंदबाजों का बहाव IPL की तरफ बढ़ता है, तो असर सिर्फ टीम संतुलन पर नहीं, लीग की प्रतिस्पर्धा और छवि पर भी पड़ सकता है।