
भारत की लगातार तीसरी जीत, पाकिस्तान की स्थिति मुश्किल
कोलंबो में 15 फरवरी को भारत ने पाकिस्तान को 61 रनों से हराकर T20 विश्व कप 2026 में लगातार तीसरी जीत दर्ज की और सुपर-8 में प्रवेश कर लिया। यह पाकिस्तान के खिलाफ भारत की T20 विश्व कप में आठवीं जीत रही। इस हार के बाद पाकिस्तान की सुपर-8 में पहुंचने की राह कठिन हो गई है। टीम को अब कम से कम एक और मैच जीतना होगा।
फैंस अब उम्मीद कर रहे हैं कि टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान की टीमें एक बार फिर आमने-सामने होंगी। लेकिन सुपर-8 में यह संभव नहीं है। आइए समझते हैं पूरा समीकरण।
सुपर-8 में भारत-पाकिस्तान का मुकाबला क्यों नहीं होगा?
T20 विश्व कप में कुल 20 टीमें चार ग्रुप (A, B, C, D) में बांटी गई हैं, प्रत्येक में पांच टीमें। हर ग्रुप की टॉप-2 टीमें सुपर-8 में पहुंचती हैं। सुपर-8 में आठ टीमों को दो ग्रुप में बांटा जाता है, जहां राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेल होता है। प्रत्येक ग्रुप की टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल में जाती हैं।
आईसीसी ने पहले से ही प्री-सीडिंग के आधार पर सुपर-8 के ग्रुप तय कर दिए हैं। भारत को X1 नाम दिया गया है, जो ग्रुप-1 में होगा। वहीं पाकिस्तान को Y3 में रखा गया है, जो ग्रुप-2 में होगा। सुपर-8 में टीमें केवल अपने ग्रुप के विरोधियों से खेलती हैं, इसलिए भारत और पाकिस्तान का सुपर-8 में मुकाबला संभव नहीं है।
अगर कोई सीडेड टीम सुपर-8 में नहीं पहुंचती, तो ग्रुप की अगली टीम उसकी जगह लेगी, लेकिन ग्रुप बदलाव नहीं होता।
सेमीफाइनल या फाइनल में भिड़ंत कब संभव?
भारत और पाकिस्तान का दोबारा मुकाबला तभी हो सकता है, जब दोनों टीमें सुपर-8 से सेमीफाइनल में पहुंचें।
- सेमीफाइनल में मुकाबला तब होगा, जब एक टीम अपने ग्रुप में पहले स्थान पर रहे और दूसरी टीम दूसरे ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहे।
- अगर दोनों टीमें अपने ग्रुप में पहले स्थान पर रहती हैं या दोनों दूसरे स्थान पर रहती हैं, तो सेमीफाइनल में भी भिड़ंत नहीं होगी।
- फाइनल में मुकाबला तब संभव है, जब दोनों टीमें सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में पहुंचें।
भारत और पाकिस्तान T20 विश्व कप के फाइनल में सिर्फ एक बार भिड़े हैं, वो भी 2007 में।
पाकिस्तान के लिए सुपर-8 की राह
पाकिस्तान को सुपर-8 में पहुंचने के लिए अब कम से कम एक और जीत की जरूरत है। भारत पहले ही क्वालीफाई कर चुका है और ग्रुप-1 में मजबूत स्थिति में है। फैंस के लिए भारत-पाकिस्तान का दोबारा मुकाबला अब सेमीफाइनल या फाइनल तक ही सीमित रह गया है, बशर्ते दोनों टीमें आगे बढ़ें और सही स्थान हासिल करें।