
इंग्लैंड क्रिकेट टीम को द ओवल में खेले गए दूसरे टेस्ट में न्यूजीलैंड के खिलाफ 253 रन की करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद टीम की मुश्किलें और बढ़ गईं, क्योंकि ICC ने उस पर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में 12 अंक की कटौती और बड़ा आर्थिक जुर्माना लगाया है।
इस मैच के बाद सीरीज 1-1 से बराबर हो गई है और अब 25 जून से शुरू होने वाला तीसरा टेस्ट निर्णायक बन गया है।
धीमी ओवर गति बनी इंग्लैंड की सजा की वजह
ICC ने इंग्लैंड को इस मैच में धीमी ओवर गति का दोषी पाया। रिपोर्ट के अनुसार टीम तय समय से 12 ओवर पीछे रह गई थी।
WTC नियमों के मुताबिक हर ओवर की देरी पर एक अंक काटा जाता है, जिससे इंग्लैंड को सीधे 12 अंकों का नुकसान हुआ। यह वही अंक हैं जो एक टेस्ट जीतने पर मिलते हैं, इसलिए यह झटका टीम के लिए और भी बड़ा साबित हुआ।
मैच फीस पर भी भारी जुर्माना, कप्तान ने स्वीकार किया दोष
ICC ने इंग्लैंड पर 50 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना भी लगाया है। नियम के अनुसार हर ओवर की देरी पर 5 प्रतिशत फीस काटी जाती है, जो अधिकतम 50 प्रतिशत तक जा सकती है।
इस मैच में इंग्लैंड की कप्तानी जो रूट कर रहे थे, क्योंकि नियमित कप्तान बेन स्टोक्स नाइट क्लब विवाद के कारण बाहर थे। अंपायरों ने धीमी ओवर गति की शिकायत की, जिसे रूट ने स्वीकार कर लिया, जिसके बाद किसी सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।
सीरीज 1-1 से बराबर, तीसरा टेस्ट बनेगा निर्णायक
इंग्लैंड ने पहला टेस्ट जीतकर बढ़त बनाई थी, लेकिन द ओवल में न्यूजीलैंड ने जोरदार वापसी करते हुए सीरीज बराबर कर दी।
अब तीसरा और अंतिम टेस्ट मुकाबला निर्णायक होगा, जिसमें दोनों टीमें सीरीज जीतने के लिए पूरी ताकत लगाएंगी।