अर्शदीप सिंह के नाम जुड़ा अनचाहा रिकॉर्ड, एक ओवर में फेंकी 11 गेंदें

पंजाब किंग्स के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के लिए गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैच कई मायनों में यादगार रहा, लेकिन एक वजह ऐसी भी रही जिसे वह शायद लंबे समय तक याद नहीं रखना चाहेंगे। इस मुकाबले में उन्होंने एक ही ओवर पूरा करने के लिए 11 गेंदें फेंकीं और आईपीएल के सबसे लंबे ओवरों की सूची में शामिल हो गए।

यह रिकॉर्ड किसी गेंदबाज के लिए गर्व की बात नहीं माना जाता, क्योंकि इसका मतलब है कि ओवर के दौरान अनुशासन और नियंत्रण दोनों में कमी रही। फिर भी यह आंकड़ा अब लीग इतिहास का हिस्सा बन चुका है।

आखिरी ओवर में बिगड़ा नियंत्रण

यह घटना गुजरात टाइटंस की पारी के 20वें ओवर में हुई। उस समय गुजरात ने 19 ओवर के बाद 6 विकेट पर 150 रन बना लिए थे और टीम तेज फिनिश की तलाश में थी। कप्तान ने अंतिम ओवर अर्शदीप को सौंपा, लेकिन शुरुआत से ही वह लय में नहीं दिखे।

पहली ही गेंद वाइड रही। इसके बाद कुछ वैध गेंदों पर बल्लेबाजों को ज्यादा रन नहीं मिले, लेकिन फिर चौका आया और ओवर का दबाव बढ़ गया। इसके बाद अर्शदीप ने एक नो बॉल और कई वाइड फेंक दीं, जिससे ओवर लंबा खिंचता चला गया। अंत तक पहुंचते पहुंचते यह ओवर 11 गेंदों का हो गया।

आईपीएल इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे लंबा ओवर

इस ओवर के साथ अर्शदीप सिंह आईपीएल इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे लंबा ओवर फेंकने वाले गेंदबाजों में शामिल हो गए। उनसे पहले भी कुछ गेंदबाज एक ओवर में 11 गेंदें फेंक चुके थे, और अब उनका नाम भी उसी सूची में जुड़ गया है।

इस तरह के रिकॉर्ड आम तौर पर गेंदबाजों के नियंत्रण और दबाव में टूटने की कहानी बताते हैं। खासकर पारी के आखिरी ओवर में, जब हर गेंद की कीमत बहुत अधिक होती है, तब अतिरिक्त गेंदें विपक्ष को और फायदा देती हैं।

मैच में पंजाब को फिर भी मिली जीत

हालांकि अर्शदीप के इस ओवर ने ध्यान खींचा, लेकिन मैच का नतीजा पंजाब किंग्स के पक्ष में गया। गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट पर 162 रन बनाए। टीम के लिए शुभमन गिल ने सबसे ज्यादा 39 रन बनाए, जबकि जोस बटलर ने 38 और ग्लेन फिलिप्स ने 25 रन जोड़े।

पंजाब की ओर से विजयकुमार वैशाक ने 3 विकेट झटके। युजवेंद्र चहल को 2 सफलता मिली और मार्को यानसेन ने 1 विकेट लिया।

कूपर कोनोली बने पंजाब की जीत के नायक

लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब किंग्स ने जवाब काफी मजबूती से दिया और मुकाबला 5 गेंद शेष रहते जीत लिया। इस रन चेज में सबसे बड़ी भूमिका कूपर कोनोली ने निभाई, जिन्होंने 72 रन की शानदार पारी खेली।

उनकी बल्लेबाजी ने पंजाब को राहत दी और टीम ने मैच पर नियंत्रण बना लिया। इस तरह अर्शदीप के अनचाहे रिकॉर्ड के बावजूद पंजाब ने सीजन की शुरुआत जीत के साथ की।

अर्शदीप के लिए सीखने वाला दिन

तेज गेंदबाजों के लिए डेथ ओवर सबसे कठिन समय माना जाता है, और यही वह चरण है जहां छोटी गलती भी रिकॉर्ड बन जाती है। अर्शदीप के लिए यह मैच याद दिलाने वाला रहा कि अनुभव होने के बावजूद अंतिम ओवरों में सटीकता कितनी जरूरी होती है।

फिलहाल पंजाब जीत का आनंद ले सकता है, लेकिन अर्शदीप जरूर चाहेंगे कि अगली बार उनका नाम ऐसे किसी रिकॉर्ड की बजाय विकेट या मैच जिताने वाले प्रदर्शन के लिए चर्चा में आए।

लेखक के बारे में
क्रिकेट विशेषज्ञ

1987 में कोलकाता में पैदा हुए रोहन शर्मा ने 2012 में पुणे विश्वविद्यालय से स्पोर्ट्स सांख्यिकी में मास्टर्स की डिग्री पूरी की। 2013 से 2020 तक, उन्होंने भारतीय क्रिकेट बोर्ड के साथ सहयोग किया, खिलाड़ियों के एनालिटिक्स और खेल रणनीति के अनुकूलन पर ध्यान केंद्रित किया। शर्मा ने 16 शैक्षिक पेपर लिखे हैं, मुख्य रूप से गेंदबाजी तकनीकों के विकास और फ़ील्ड प्लेसमेंट के परिवर्तन का समर्थन किया। 2021 में, उन्होंने पत्रकारिता में परिवर्तन किया। शर्मा वर्तमान में क्रिकेट पर विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं, मैच गतिकी और खिलाड़ी रणनीतियों पर दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं, नियमित रूप से विभिन्न खेल-केंद्रित प्लेटफ़ॉर्मों में योगदान करते हैं।

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