काव्या मारन पर उठे सवाल, अबरार अहमद की खरीद को लेकर BCCI ने दी प्रतिक्रिया

द हंड्रेड ऑक्शन के बाद बढ़ा विवाद

लंदन में द हंड्रेड 2026 की पहली पुरुष खिलाड़ियों की नीलामी के बाद एक बड़ा विवाद सामने आ गया। पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद को सनराइजर्स लीड्स ने खरीद लिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली। इस फ्रेंचाइजी का संचालन कलानिधि मारन के सन ग्रुप के पास है और टीम की सीईओ काव्या मारन हैं, इसलिए निशाना सीधे उन पर भी साधा गया।

अबरार अहमद का बेस प्राइस करीब 92.5 लाख रुपये था, लेकिन नीलामी के दौरान उनके लिए जोरदार दिलचस्पी दिखाई गई और आखिरकार उन्हें लगभग 2.34 करोड़ रुपये में खरीदा गया। इसी फैसले के बाद बहस तेज हो गई और मामला भारतीय क्रिकेट हलकों तक पहुंच गया।

BCCI ने क्या कहा

विवाद बढ़ने पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने साफ कहा कि यह मामला बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। उनका कहना था कि यह एक विदेशी लीग की फ्रेंचाइजी का फैसला है, इसलिए इसे BCCI की नीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

इस बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया कि बोर्ड इस खरीद को लेकर सीधे तौर पर कोई हस्तक्षेप करने की स्थिति में नहीं है। हालांकि बहस थमी नहीं और क्रिकेट जगत में इस फैसले पर चर्चा जारी रही।

कोच डेनियल विटोरी ने फैसले का किया बचाव

मामले पर टीम के हेड कोच डेनियल विटोरी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अबरार को पूरी तरह क्रिकेटिंग जरूरतों को ध्यान में रखकर चुना गया। विटोरी के मुताबिक टीम को स्पिन विभाग में एक खास तरह के विकल्प की जरूरत थी और इसी वजह से अबरार पर दांव लगाया गया।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऑक्शन से पहले पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेकर टीम प्रबंधन के भीतर कोई अलग बहस नहीं हुई थी। उनके अनुसार चयन केवल खेल की जरूरत, संतुलन और उपलब्ध विकल्पों के आधार पर किया गया।

इस तरह अबरार अहमद की खरीद ने द हंड्रेड की नीलामी के बाद एक नया विवाद जरूर खड़ा कर दिया, लेकिन टीम प्रबंधन और BCCI दोनों ने अपनी अपनी तरफ से स्थिति साफ करने की कोशिश की है।

लेखक के बारे में
क्रिकेट विशेषज्ञ

1987 में कोलकाता में पैदा हुए रोहन शर्मा ने 2012 में पुणे विश्वविद्यालय से स्पोर्ट्स सांख्यिकी में मास्टर्स की डिग्री पूरी की। 2013 से 2020 तक, उन्होंने भारतीय क्रिकेट बोर्ड के साथ सहयोग किया, खिलाड़ियों के एनालिटिक्स और खेल रणनीति के अनुकूलन पर ध्यान केंद्रित किया। शर्मा ने 16 शैक्षिक पेपर लिखे हैं, मुख्य रूप से गेंदबाजी तकनीकों के विकास और फ़ील्ड प्लेसमेंट के परिवर्तन का समर्थन किया। 2021 में, उन्होंने पत्रकारिता में परिवर्तन किया। शर्मा वर्तमान में क्रिकेट पर विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं, मैच गतिकी और खिलाड़ी रणनीतियों पर दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं, नियमित रूप से विभिन्न खेल-केंद्रित प्लेटफ़ॉर्मों में योगदान करते हैं।

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